Monday, December 5, 2016

शोर  मचाती उन मशीनों को,
कभी
ज़रा गौर से सुनना ____
कहीं वो तुम पे हंस तो नहीं रही।
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ख्यालों में पसरे सन्नाटे ,
 और
तुम्हारे रूम तक जाती  सीढियां
दोनों ही आलसी हैं।
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न्यूटन के सिर  पे सेब का गिरना
और

मेरा तुमसे मिलना एक  जैसी ही घटना थी   

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