Saturday, December 4, 2010

सफ़र जारी है ..........

बहुत दुर तक अभी जाना है....
इरादों की सीढिया हैं ,
ख्वाहिसों से भरी है जेब
कई खवाब हैं जिनके एड्रेस ढूढ़ने हैं .
सुना है -
एक खूबसूरत गाँव हैं ...
जहाँ से मिलती हैं दिल की ट्रेने ,
किसी दिन बैठकर उसमे  सारी  दुनिया घूमूँगा .
लेकिन उससे पहले -
चढ़नी हैं  सीढिया
यादों को तह करके रखना है आलमारी में
लगाने   हैं ख्वाहिसों के पेड़
ढूढ़ने हैं कई  एड्रेस.
तब तक लिए ,
सफ़र जारी है ..........