Friday, September 16, 2011

मौसम बिलकुल भी रोमांटिक नहीं है....

मौसम बिलकुल भी रोमांटिक नहीं है....
जलती दोपहरी है 
पसीने से तर बतर मैं 
रुमाल रूम पर भूल गया हूँ 
और तुम मुझे याद आ रही हो ..
तुम्हरी हथेलियों का ठंडापन 
गर्म साँसे 
सन्नाटा 
भीगी हुई हंसी 
बिना शब्दों वाली भाषा
सच कहता हूँ-
मौसम बिलकुल भी रोमांटिक नहीं है ......
सड़को पर दौड़ती उदास बसे 
ट्रेफिक का शोर 
अपने निजीपन को बचाए रखने की होड़ 
कही कुछ छुट जाने का डर
हाथों में दबी कैरिएर की फाइल 
इन सबके बीच -
तुम मुझे याद आ रही हो 
लेकिन सच कहता हूँ -
मौसम बिलकुल भी रोमांटिक नहीं है .